जमशेदपुर इंडस्ट्रियल टाउन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार को बनाया प्रतिवादी, छह हफ्ते बाद अगली सुनवाई

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जमशेदपुर : जमशेदपुर को इंडस्ट्रियल टाउन घोषित किए जाने से जुड़े मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की खंडपीठ ने की।

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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता जवाहरलाल शर्मा ने भारत सरकार को भी इस मामले में प्रतिवादी बनाए जाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए भारत सरकार को प्रतिवादी बनाने का आदेश दिया और केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

इस दौरान टाटा स्टील की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि कंपनी ने पहले ही इस मामले में अपनी आपत्तियां दाखिल कर दी हैं और उन्हें सुना जाना चाहिए। इस पर खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सबसे पहले टाटा स्टील की आपत्तियों पर विचार किया जाएगा, उसके बाद अन्य मुद्दों पर सुनवाई होगी।

अदालत ने याचिकाकर्ता जवाहरलाल शर्मा को भी इस मामले में प्रत्युत्तर (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके लिए उन्हें दो सप्ताह का समय दिया गया है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

उल्लेखनीय है कि सोनारी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा द्वारा दायर रिट याचिका (सिविल) संख्या 483/2025 में संविधान के अनुच्छेद 243Q(1) और झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 481 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। याचिका में 28 दिसंबर 2023 को जारी उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई है, जिसके तहत जमशेदपुर को औद्योगिक टाउनशिप घोषित किया गया था।

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याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी आग्रह किया है कि झारखंड सरकार को जमशेदपुर के लिए नगर निगम के गठन का निर्देश दिया जाए। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से सुनवाई चल रही है और अब सभी पक्षों के जवाब आने के बाद आगे फैसला होने की संभावना है।

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