सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट से निवेशकों के करोड़ों डूबे,

0
Advertisements
Advertisements

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत काफी उथल-पुथल भरी रही है. शेयर बाजार में इस समय निवेशकों की सांसें थमी हुई हैं. आज यानी बुधवार, 21 जनवरी को भी निवेशकों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. आज लगातार तीसरा दिन है जब बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है. सुबह जब बाजार खुला तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही कमजोरी के साथ खुले, हालांकि बीच में कुछ मिनटों के लिए मामूली तेजी जरूर देखने को मिली, लेकिन बिकवाली के दबाव ने बाजार को फिर से लाल निशान में धकेल दिया.बाजार में इस समय डर का माहौल है क्योंकि दुनिया भर के बाजारों से  अच्छे संकेतनहीं मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक भारत से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं.मंगलवार को आईटी शेयरों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली. निवेशकों ने इस शेयरों में जबरदस्‍त बिकवाली की, जिससे बेंचमार्क दो महीने से ज़्यादा के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. विप्रो के शेयर 3 फीसदी, LTIMindtree के शेयर 6 फीसदी तक गिर गए.
नए टैरिफ डर के कारण ग्‍लोबल सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है और ग्‍लोबल मार्केट में ट्रेड वार का खतरा बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टंप ने ग्रीनलैंड पर अधिक अमेरिकी नियंत्रण स्थापित करने के प्रयास में आठ यूरोपीय संघ के सदस्य देशों पर नए टैरिफ की धमकी दी है. वहीं फ्रांस 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है  विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली से बाजार की भावना पर दबाव बना रहा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दसवें सत्र में अपनी नेट बिकवाली जारी रखी. सोमवार को FIIs ने लगभग 3,263 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे.
सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में निवेशक ज्‍यादा पैसे लगा रहे हैं. मंगलवार को सोना पहली बार $4,700 प्रति औंस के पार चला गया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय सहयोगियों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी के बाद चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई.

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed