बांग्लादेश के चटगांव में भारतीय वीजा ऑपरेशन सस्पेंड

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बांग्लादेश: बांग्लादेश में राजनीतिक उथल पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है. जुलाई 2024 के आंदोलन के प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहे. ढाका में कड़ी सुरक्षा के बीच हादी का जनाजा पढ़ा गया, लेकिन इसके साथ ही सड़कों पर गुस्सा और असंतोष साफ दिखाई दिया. शनिवार को मणिक मिया एवेन्यू, जो संसद भवन के पास स्थित है, वहां हादी की जनाजे की नमाज में देशभर से आए हजारों लोग शामिल हुए. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने भारी सुरक्षा इंतजाम किए थे. करीब 1000 बॉडी वॉर्न कैमरों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी हालात को काबू में रखा जा सके.

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हादी की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि उनके हत्यारों को तुरंत सजा दी जाए. इसके साथ ही गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी के इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादी को गोली मारे जाने के एक हफ्ते बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी.

इंकिलाब मंचा संगठन के सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर गृह सलाहकार ने इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. जनाजे के बाद बड़ी संख्या में लोग शाहबाग चौराहे की ओर बढ़े, जहां इंकिलाब जिंदाबाद और ढाका ढाका जैसे नारे लगाए गए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग का नाम बदलकर हादी चत्तर रखने की मांग भी की.

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