अमेरिकी बैंकों को लगाया 4000 करोड़ का चूना,भारतीय मूल के CEO पर लगा आरोप

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न्यूयॉर्क: नीरव मोदी और विजय माल्या जैसा ही लोन धोखाधड़ी का मामला अब अमेरिका में सामने आया है. यहां भारतीय मूल के एक उद्योगपति बंकिम ब्रह्मभट्ट पर करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) का लोन फ्रॉड करने का गंभीर आरोप लगा है. यह खुलासा प्रतिष्ठित वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट में किया गया है.ब्लैकरॉक की इकाई का दावा है कि उन्होंने ब्रह्मभट्ट की कंपनियों को 2020 में इस शर्त पर कर्ज दिया था कि वे ग्राहकों से मिलने वाले बकाया को गिरवी रखेंगे। ब्लैकरॉक की निजी ऋण निवेश शाखा, एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स, इस धोखाधड़ी का शिकार हुई है। ब्लैकरॉक ने इस साल की शुरुआत में एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स का अधिग्रहण किया था। जानकारी के मुताबिक, ब्लैकरॉक की इकाई का दावा है कि उन्होंने ब्रह्मभट्ट की कंपनियों को 2020 में इस शर्त पर कर्ज दिया था कि वे ग्राहकों से मिलने वाले बकाया को गिरवी रखेंगे। जब खातों की जांच की गई तो पाया गया कि ऋण की राशि भारत और मॉरीशस में खातों में भेज दी गई थी, जिन्हें गिरवी रखा जाना था।जब क्रेडिटर्स ने बिलों की सच्चाई जांचनी शुरू की, तो इसका खुलासा हुआ। लोन का अमाउंट इंडिया और मॉरीशस के ऑफशोर अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए गए। ब्लैकरॉक का दावा है कि यह फ्रॉड प्लानिंग के तहत किया गया है। फ्रांस का बैंक BNP परिबा भी इस फाइनेंसिंग में शामिल रहा। BNP परिबा HPS के साथ मिलकर ब्रह्मभट्ट की कंपनियों को फंड दिया था। बता दें कि ब्लैकरॉक ने इसी साल HPS को खरीदा था, जिसके बाद यह मामला और गहरा गया.जांच से जुड़े लोगों को शक है कि बैंकिम ब्रह्मभट्ट अमेरिका छोड़कर वापस भारत आ गए हों.हालांकि, इन सभी आरोपों पर उनके वकील का कहना है कि यह सब बकवास है और सारे आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं.एचपीएस के एक अधिकारी जब न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी स्थित ऑफिस पहुंचे, तो वहां का दफ्तर बंद और सुनसान मिला. आसपास के लोगों ने पुष्टि की कि कई हफ्तों से वहां कोई स्टाफ नहीं आया था.बंकिम ब्रह्मभट्ट Bankai Group के संस्थापक हैं और टेलीकॉम उद्योग में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव रखते हैं. उनकी कंपनियां दुनिया भर की टेलीकॉम कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क सेवाएं प्रदान करती हैं.रिपोर्ट में बताया गया है कि धोखाधड़ी सामने आने के बाद उनका लिंक्डइन प्रोफाइल हटा दिया गया है, और मामला फिलहाल अमेरिकी अदालत में विचाराधीन है.

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