मिडिल ईस्ट संकट का असर: गैस की कमी से उद्योग और छोटे कारोबारियों पर संकट

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आदित्यपुर : देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी का असर अब आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी साफ दिखने लगा है। ईरान में चल रहे युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आम उपभोक्ताओं को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने घरेलू गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी है, जबकि कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति 7 मार्च से बंद बताई जा रही है। पहले एजेंसियों और कंपनियों के पास मौजूद स्टॉक से काम चल रहा था, लेकिन कई जगह स्टॉक खत्म होने के बाद मंगलवार से कई इकाइयों में काम प्रभावित होने लगा।
औद्योगिक क्षेत्र में स्टील प्लांट, रोलिंग मिल और इंडक्शन फर्नेस जैसी इकाइयों को औद्योगिक गैसों की कमी से दिक्कत हो रही है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। इस इलाके की एक हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां, छोटे होटल, गैराज और अन्य प्रतिष्ठान एलपीजी पर निर्भर हैं। यहां रोज लगभग 5 हजार सिलेंडर धातु कटिंग, निर्माण, हीटिंग और मशीनों के रखरखाव जैसे कार्यों में उपयोग होते हैं। सप्लाई रुकने से उत्पादन प्रक्रिया बाधित हो रही है और इससे हजारों कामगारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है।

इंडेन एलपीजी के अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को भेजे संदेश में बताया है कि युद्ध के कारण आयात में रुकावट आने से बल्क और पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति अगली सूचना तक रोकी गई है। इस बीच औद्योगिक क्षेत्र के कॉमर्शियल एलपीजी डीलर आरपी चौधरी ने सरकारी विभागों को पत्र भेजकर जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि बड़े सेक्टर में इंडियन और हिंदुस्तान बॉटलिंग प्लांट के बाहर खाली कॉमर्शियल सिलेंडरों से भरे कई ट्रक रिफिलिंग के इंतजार में खड़े हैं और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए प्रशासन से निगरानी बढ़ाने की अपील की गई है।

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