ब्राह्मणों की लड़की मांगने वाले IAS संतोष वर्मा को पद से हटा दिया है

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मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश में IAS अधिकारी और अजाक्स अध्यक्ष संतोष वर्मा के विवादित बयानों और फर्जी दस्तावेज़ों के आरोपों पर बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संज्ञान लेते हुए GAD को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. राज्य सरकार ने संतोष वर्मा को कृषि विभाग से हटाकर GAD पूल में भेज दिया है और IAS सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने का निर्णय लिया है.ब्राह्मण संगठनों ने 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री निवास के घेराव का ऐलान किया है. आंदोलन की शुरुआत 13 दिसंबर से होगी.वर्मा के खिलाफ हुई जांच में पता चला है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र प्राप्त किया था. कारण बताओ नोटिस पर उनकी प्रतिक्रिया असंतोषजनक पाई गई और अधिकारियों ने गौर किया कि उन्होंने कार्रवाई के दौरान भी अभद्र और भड़काऊ बयान देना जारी रखा. परिणामस्वरूप, सरकार ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के तहत उनके खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र जारी करने का निर्णय लिया है.वर्मा हाल के महीनों में कई विवादों के केंद्र में रहे हैं. इंदौर की अदालतों से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि उसने कथित तौर पर एक घरेलू मामले में बरी होने के लिए मनगढ़ंत फैसले तैयार करने के लिए एक न्यायाधीश के साथ साजिश रची, जिससे आईएएस पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके. सूत्रों के अनुसार, वर्मा ने विभागीय पदोन्नति समिति के माध्यम से पदोन्नति के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए न्यायिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया.

जालसाजी के आरोपों के अलावा, वर्मा को सार्वजनिक मंचों पर अपने भड़काऊ बयानों के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. एक वायरल वीडियो में उन्हें भड़काऊ बयान देते हुए सुना गया, जिसकी सामुदायिक संगठनों और न्यायपालिका ने कड़ी आलोचना की. सरकार ने इन टिप्पणियों को ‘गंभीर दुर्व्यवहार; और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करार दिया, जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई का मामला और मजबूत हो गया.23 नवंबर, 2025 को भोपाल में M.P. अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJJAKS) के एक कन्वेंशन के दौरान संतोष वर्मा ने कहा था, “रिजर्वेशन तब तक जारी रहना चाहिए जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को न दे दे, या (उसका) उसके साथ रिश्ता न हो जाए”. इस बात की कई ब्राह्मण संगठनों और कम्युनिटी के नेताओं ने बहुत बुराई की, और इसे “अभद्र, जातिवादी और ब्राह्मण बेटियों का बहुत अपमान करने वाला” कहा.मुख्यमंत्री के निर्देश का अनुपालन करते हुए, कृषि विभाग ने वर्मा को कृषि विभाग में उप सचिव के पद से हटा दिया है. उन्हें बिना किसी विभागीय कार्यभार या कार्य के जीएडी पूल से जोड़ दिया गया है, जिससे वे प्रभावी रूप से प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग हो गए हैं. केंद्र को बर्खास्तगी की सिफारिश करके और विभागीय आरोप लगाकर, राज्य ने संकेत दिया है कि धोखाधड़ीपूर्ण पदोन्नति और कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब अंतिम निर्णय केंद्र सरकार पर निर्भर करता है, जो वर्मा को आईएएस से हटाने के प्रस्ताव पर कार्रवाई करेगी.

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