शेख हसीना की सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हिंदू नेता


बांग्लादेश: बांग्लादेश में पिछले सालभर में हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है। कई हिंदुओं की जान चली गई। अब फरवरी में बांग्लादेश में आम चुनाव होने वाले हैं, जिस पर दुनियाभर की नजरे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है और खुद हसीना भी भारत में हैं। ऐसे में उनकी सीट से इस बार एक हिंदू शख्स चुनाव लड़ने जा रहे हैं।बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत की केंद्रीय समिति के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट गोबिंदा चंद्र प्रमाणिक ने आने वाले आम चुनाव में गोपालगंज-3 (कोटालीपारा-तुंगीपारा) सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इसी सीट से शेख हसीना भी चुनाव लड़ा करती थीं।बांग्लादेश के प्रमुख अख़बार “द डेली स्टार” के मुताबिक, हिंदू महाजोट के गोपालगंज जिला अध्यक्ष बिजन रॉय ने बताया है कि गोविंद चंद्र प्रमाणिक 28 दिसंबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह लंबे समय तक शेख हसीना का गढ़ रही है।प्रमाणिक खुद को एक निष्पक्ष उम्मीदवार बताते हैं। उन्होंने साफ कहा, “मेरा किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और न ही मैं पहले कभी चुनावी राजनीति में रहा हूं।” उनका कहना है कि वे किसी पार्टी के एजेंडे से नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बनकर चुनाव लड़ना चाहते हैं।एक बांग्लादेशी प्रकाशन से बातचीत में गोविंद चंद्र प्रमाणिक ने कहा कि राजनीतिक दलों से चुने गए सांसद पार्टी अनुशासन के कारण आम लोगों की समस्याओं को सही तरीके से नहीं उठा पाते। उन्होंने कहा, “मैं इस कमी को दूर करना चाहता हूं और सीधे जनता की बात संसद तक पहुंचाना चाहता हूं।”मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान कट्टरपंथी समूह भारत विरोधी भावनाओं का इस्तेमाल कर अल्पसंख्यकों पर हमलों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे देश में धार्मिक तनाव और असुरक्षा का माहौल और गहरा हुआ है।




