एनआईटी जमशेदपुर में ‘उन्नत भारत अभियान’ का भव्य उद्घाटन, ग्रामीण विकास के संकल्प के साथ कार्यक्रम संपन्न


Saraikela : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में उन्नत भारत अभियान (UBA) के अंतर्गत उद्घाटन समारोह का गरिमामय एवं सफल आयोजन हुआ. इस अवसर पर शिक्षाविदों, अतिथियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बना दिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों के ज्ञान, शोध क्षमता एवं तकनीकी विशेषज्ञता को ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धाराओं को पहुँचाना रहा. कार्यक्रम का शुभारंभ औपचारिक प्रस्तावना के साथ हुआ. जिसके उपरांत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना ने पूरे सभागार को ज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत कर दिया. इसके पश्चात अतिथियों का विधिवत स्वागत एवं अभिनंदन किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण औपचारिक एवं प्रेरणादायी बना. आरसीआई प्रमुख डॉ. शक्ति प्रसाद ने अपने स्वागत भाषण एवं संदर्भ स्थापना में उन्नत भारत अभियान की अवधारणा, उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से ही ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है. उन्होंने संस्थान एवं ग्राम समुदाय के बीच सहभागिता को इस अभियान की मूल शक्ति बताया. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. पी. के. सिंह ने अपने संबोधन में ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में संस्थागत सहयोग की अनिवार्यता को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि जब तकनीकी संस्थान समाज से जुड़कर कार्य करते हैं, तब विकास अधिक व्यावहारिक और टिकाऊ बनता है.
मुख्य वक्ता वरुण विद्यार्थी ने विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि युवा शक्ति की सहभागिता से ग्रामीण समस्याओं के नवाचार आधारित समाधान विकसित किए जा सकते हैं.
विशेष वक्ता डॉ. पुष्पेंद्र यादव ने तकनीकी नवाचार को सतत विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक और स्थानीय संसाधनों के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र परिवर्तन लाया जा सकता है. मुख्य अतिथि डॉ. विक्रम तिवारी ने उन्नत भारत अभियान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं सशक्त पहल बताते हुए कहा कि यह अभियान शिक्षा और समाज के बीच सेतु का कार्य कर रहा है. वहीं विशेष अतिथि प्रो. सतीश कुमार ने उच्च शिक्षण संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए ग्राम–संस्थान सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया.
इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के उप निदेशक प्रो. आर. बी. शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान कर अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी समाधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया.




