अनाथ बचपन से जनसेवा तक: अंकुर सिंह की कहानी, जो बन सकती है आदित्यपुर की नई उम्मीद


आदित्यपुर। आदित्यपुर नगर निगम की राजनीति में इन दिनों एक ऐसे नौजवान का नाम चर्चा में है, जिसकी जिंदगी संघर्ष, साहस और जनसेवा के जज़्बे की मिसाल है। यह नाम है अंकुर सिंह का, जो अब आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। अंकुर सिंह की कहानी सामान्य नहीं है। किशोरावस्था में ही उनके सिर से माँ और पिता दोनों का साया उठ गया। जिस उम्र में एक बच्चे को माँ के आँचल में सुकून और पिता के कंधों का सहारा मिलता है, उसी समय इस नौजवान को जीवन की कठोर सच्चाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन विपरीत परिस्थितियों ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बना दिया। अंकुर सिंह ने अपनी मेहनत और लगन से उच्च शिक्षा हासिल की। विदेश से पढ़ाई करने के बाद उनके सामने लाखों–करोड़ों रुपये के पैकेज वाले अवसर भी थे, लेकिन उन्होंने आसान रास्ता छोड़कर समाज सेवा का कठिन मार्ग चुना। उन्होंने तय किया कि अपने ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग अपने ही शहर आदित्यपुर के विकास के लिए करेंगे।इसी संकल्प के साथ उन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ा और जनता के आशीर्वाद से जीत हासिल की। अब डिप्टी मेयर पद को लेकर भी उनका नाम तेजी से उभर रहा है। आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की जनता और नवनिर्वाचित पार्षदों के बीच यह चर्चा है कि यह युवा नेतृत्व शहर के लिए नई दिशा और नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंकुर सिंह के व्यक्तित्व में जो तेज और सकारात्मक सोच है, वह आदित्यपुर को एक आदर्श नगर निगम क्षेत्र बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। अगर यह युवा नेता डिप्टी मेयर बनता है, तो यह न केवल उसके संघर्ष की जीत होगी बल्कि पूरे आदित्यपुर के लिए गर्व का क्षण होगा।कठिनाइयों से निकलकर जनसेवा का रास्ता चुनने वाले अंकुर सिंह आज युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह नौजवान सचमुच आदित्यपुर के विकास की नई कहानी लिख पाएगा।




