पहली बार: एक गीत में नौ भाषाएँ, 115 कलाकार और 25 स्थान — 12 मिनट का ‘झारखंड एंथम’ 11 नवंबर को होगा रिलीज

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झारखंड: झारखंड राज्य ने सांस्कृतिक पहचान की दिशा में एक अनूठा कदम उठाया है। राज्य सरकार द्वारा तैयार 12-मिनट लंबे इस नए गीत में नौ भाषाएँ, 115 कलाकार और राज्य के 25 अलग-अलग स्थानों को एक साथ पिरोया गया है। यह गीत 11 नवंबर को औपचारिक रूप से सार्वजनिक किया जाएगा।

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इस परियोजना का उद्देश्य झारखंड की भाषा-भाषी विविधता, भू-भौगोलिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत को एक गीत-के माध्यम से सूचित करना है। राज्य संगीत विभाग और फिल्म विकास निगम ने इस विषय में बताया कि गीत की शूटिंग झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों, खनिज belts, शहरी हिस्सों और पठारी इलाकों में हुई है, ताकि “राज्य पूरे-राज्य का महसूस हो” सके।

116 से अधिक ए-लिस्ट कलाकारों, लोक-कलाकारों व युवा टैलेंट को इस गीत में शामिल किया गया। उन कलाकारों ने गीत में अपनी-अपनी मातृभाषा में पंक्तियाँ गाईं हैं, जिससे गीत में सचमुच “मल्टि-भाषा” का अनुभव मिलता है। गीत के संगीत निर्देशन में लोक-संगीतकार Mukund Nayak का नाम सामने आया है, जिन्होंने कहा है कि यह गीत “झारखंड की आत्मा” के स्वरूप को ध्वनित करता है।

राज्य सांस्कृतिक मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष इसकी ऑडियो-विजुअल वर्शन को स्कूलों, पर्यटन स्थलों व स्मार्ट सिटी पार्कों में चलाया जाएगा। उनका कहना है कि इस तरह की पहल राज्य को “संस्कृति-पर्यटन हब” के रूप में आगे ले जाने में सहायक होगी।

विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रयास राज्य की नई पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर जब प्रतियोगिता के दौर में राज्यों द्वारा अपने “ब्रांडेड सांस्कृतिक उत्पाद” बना रहे हैं। इस गीत को रिलीज के बाद सोशल मीडिया व मल्टीमीडिया प्लेटफार्म पर व्यापक-प्रचार के लिए तैयार किया गया है।

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