रीवा राजनिवास गैंगरेप केस में महंत सीताराम बाबा समेत 5 दोषियों को आजीवन कारावास


रीवाः रीवा के शासकीय राजनिवास (सर्किट हाउस) में तीन वर्ष पूर्व हुए बहुचर्चित नाबालिग गैंगरेप मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पदमा जाटव ने प्रकरण में कथावाचक महंत सीताराम बाबा समेत 5 दोषियों को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पूरे मामले में कुल 9 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें से अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी सहित 4 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करते हुए अदालत ने बरी कर दिया। अदालत ने कुल 9 आरोपियों में से 5 को दोषी और 4 को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट में सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपी विनोद पांडे ने पीड़िता को किसी काम का झांसा देकर सर्किट हाउस बुलाया।
वहां उसे नशीली शराब पिलाई गई और इसके बाद महंत सीताराम समेत अन्य आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। कोर्ट में महंत सीताराम, विनोद पांडे, धीरेंद्र मिश्रा,अंशुल मिश्रा, मोनू पयासी दोषी साबित हुए। इधर, साक्ष्य के अभाव में संजय त्रिपाठी, रवि शंकर शुक्ला, जानवी दुबे, तौसीद अंसारी को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।
22 गवाह, 140 दस्तावेज, 5 दिन बहस हुई वकील के मुताबिक, यह मामला साबित करना चुनौतीपूर्ण था। अभियोजन पक्ष ने डीएनए रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) जैसे तकनीकी साक्ष्य पेश किए। 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 140 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। 5 दिन तक चली लंबी बहस के बाद फैसला आया। सभी दोषियों को सीधे जेल भेज दिया गया।




