शिबू सोरेन के निधन से झारखंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह सादगीपूर्ण, राज्यपाल करेंगे झंडोत्तोलन

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रांची — झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक शिबू सोरेन के हालिया निधन ने इस साल राज्य के स्वतंत्रता दिवस समारोह पर गहरा असर डाला है। अलग झारखंड आंदोलन के प्रखर नेता और राज्यसभा सांसद रहे सोरेन के सम्मान में पारंपरिक कार्यक्रमों में बदलाव किया गया है।

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परंपरा से हटते हुए, इस बार ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। आमतौर पर यह जिम्मेदारी मुख्यमंत्री निभाते हैं। वहीं उपराजधानी दुमका में, जहां परंपरागत रूप से राज्यपाल झंडोत्तोलन करते हैं, इस बार संथाल परगना के आयुक्त परेड की सलामी लेंगे।

राजभवन में झंडोत्तोलन के बाद होने वाला पारंपरिक “एट होम” रिसेप्शन भी इस वर्ष रद्द कर दिया गया है, ताकि स्वर्गीय नेता को श्रद्धांजलि दी जा सके।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो शिबू सोरेन के पुत्र हैं, अपने पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में पिता के अंतिम संस्कार और कर्मकांड में व्यस्त रहने के कारण किसी भी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार से जुड़े अनुष्ठान 16 अगस्त तक चलेंगे।

‘गुरुजी’ के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन झारखंड की राजनीतिक यात्रा के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक थे। राज्य गठन में उनका योगदान और दशकों लंबा राजनीतिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। इस साल के संयमित समारोह राज्यभर में उनके निधन पर गहरे शोक को दर्शाते हैं।

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