आज से भारत-चीन के बीच सीधी फ्लाइट शुरू


नई दिल्ली:भारत-चीन के बीच आज रविवार से शुरू होने जा रही सीधी उड़ान को बीजिंग ने दोस्ती की नई उड़ान बताया है। दोनों देशों के बीच यह उड़ान कोलकाता से ग्वांगझोउ के लिए शुरू हो रही है।विदेश मंत्रालय के ऐलान के तुरंत बाद इंडिगो ने कोलकाता से ग्वांगझू के लिए रोजाना नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करने की घोषणा कर दी है। जल्द ही दिल्ली और ग्वांगझू के बीच भी सीधी उड़ानें चलेंगी, जबकि एअर इंडिया ने भी साल के अंत तक सेवाओं की बात कही है। यह कदम न सिर्फ यात्रियों को राहत देगा, बल्कि द्विपक्षीय व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों को भी नई उड़ान देगा।

फ्लाइट्स का शेड्यूल
चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस: शंघाई-दिल्ली वाली फ्लाइट्स रहेंगी, जो 9 नवंबर से हफ्ते में तीन दिन (बुधवार, शनिवार और रविवार) को सेवा देगी, विमान का नाम है A330-200 एयरक्राफ्ट।
इंडिगो: कोलकाता-ग्वांगझोउ वाली फ्लाइट्स 26 अक्टूबर से शुरू होगी, इसके अलावा। दिल्ली-ग्वांगझोउ वाली फ्लाइट्स 10 नवंबर से शुरू होगी।
मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी फैलने के बाद भारत ने सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया था। उसी समय चीन ने भी अपनी सीमाओं पर कड़े प्रतिबंध लागू किए, जिसके चलते भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं बंद हो गईं। हालांकि महामारी के बाद कई देशों के साथ उड़ानें फिर से शुरू हो गईं, लेकिन भारत-चीन के बीच ऐसा नहीं हुआ। इसकी बड़ी वजह 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प थी, जिसके बाद द्विपक्षीय संबंधों में तनाव गहराता गया और सीधी उड़ानें बहाल करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
इस फैसले के तीन प्रमुख फायदे बताए जा रहे हैं: पहला, लोगों का आपसी संपर्क बढ़ेगा। इससे व्यापारी, छात्र, पर्यटक और परिवार आसानी से यात्रा कर सकेंगे, जिससे सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते मजबूत होंगे। दूसरा, आर्थिक फायदा मिलेगा। दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सीधी उड़ानें व्यापार और निवेश को बढ़ावा देंगी, जिससे लागत में कमी आएगी। तीसरा, इसका कूटनीतिक महत्व है। यह तनाव कम करने और रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो भविष्य के सहयोग के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।



