यूजीसी के दिशा-निर्देशों में संशोधन की मांग, संयुक्त युवा संघ ने पीएम को सौंपा ज्ञापन


जमशेदपुर : जमशेदपुर में बुधवार को ‘संयुक्त युवा संघ’ (झारखंड) के बैनर तले युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रवि सिंह चंदेल ने किया।

ज्ञापन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी ‘समानता और समावेशिता’ से जुड़े दिशा-निर्देशों पर आपत्ति जताते हुए उनमें आवश्यक संशोधन की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि वर्तमान प्रावधानों से शैक्षणिक संस्थानों में असंतुलन की स्थिति बन सकती है।
मीडिया को संबोधित करते हुए रवि सिंह चंदेल ने कहा कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित शिकायत निवारण समितियों के मौजूदा प्रावधानों से सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों के दुरुपयोग की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने मांग की कि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान किया जाए। साथ ही संवैधानिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए शिकायत निवारण समितियों में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन न्यायपूर्ण समाज और समानता के सिद्धांतों के समर्थन में है, लेकिन समानता के नाम पर किसी एक वर्ग का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि नियमों में आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो इसका असर शैक्षणिक संस्थानों के वातावरण पर पड़ सकता है।
इस अवसर पर संयुक्त युवा संघ के कई सदस्य और छात्र प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्होंने संगठन की मांगों का समर्थन किया।



