दुर्घटना के आरोपी पुणे के किशोर की किशोर गृह में दिनचर्या- 1 घंटा टीवी, 2 घंटे खेलने का समय…

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लोक आलोक न्यूज सेंट्रल डेस्क-पुणे दुर्घटना में शामिल 17 वर्षीय लड़के को 14 दिनों के लिए चिल्ड्रन ऑब्जर्वेशन सेंटर भेजा गया है। अवलोकन गृह में, नाबालिग को एक संरचित दिनचर्या का पालन करना होगा जिसका उद्देश्य अनुशासन और स्थिरता प्रदान करना है।

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किशोर अपने दिन की शुरुआत सुबह 8 बजे करेंगे। पूरे दिन वह प्रार्थना सत्र और कक्षाओं में भाग लेंगे, साथ ही खेल गतिविधियों में भी भाग लेंगे। उसे 2 घंटे खेलने और 1 घंटे टीवी देखने की अनुमति होगी।

यहां 14 दिनों के लिए किशोर केंद्र में पुणे के नाबालिग की दैनिक दिनचर्या पर एक विस्तृत नज़र डाली गई है:

सुबह की शुरुआत: नाबालिग और अन्य कैदियों के लिए दिन की शुरुआत सुबह 8 बजे के आसपास होती है।

नाश्ता: सुबह 10 बजे तक नाश्ता परोसा जाता है। भोजन में आमतौर पर पोहा, उपमा, अंडे और दूध जैसी पौष्टिक चीजें शामिल होती हैं।

प्रार्थना और कक्षाएं: सुबह 11 बजे, नाबालिग प्रार्थना सत्र में दूसरों के साथ शामिल होंगे। इसके बाद, शैक्षिक विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए भाषा की कक्षाएं शुरू होंगी।

दोपहर का भोजन: दोपहर का भोजन 12:30 बजे परोसा जाता है। इसके बाद, कैदियों को शाम 4 बजे तक अपने शयनगृह में आराम करने की अनुमति दी जाती है।

शाम का नाश्ता और टीवी का समय: शाम का नाश्ता 4 बजे उपलब्ध कराया जाता है। शाम 4 से 5 बजे तक, कैदियों को एक घंटे के लिए टीवी देखने की अनुमति है।

खेलने का समय: शाम 5 बजे से शाम 7 बजे तक, दो घंटे का खेल समय आवंटित किया गया है। कैदी फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में शामिल हो सकते हैं।

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रात का खाना: रात का खाना शाम 7 बजे परोसा जाता है, जिसमें सब्जियां, चपाती और चावल शामिल होते हैं।

दिन का अंत: रात 8 बजे, कैदी दिन का समापन करने के लिए अपने शयनगृह में लौट आते हैं।

17 वर्षीय को उसके पुनर्वास पर ध्यान देने के साथ किशोर केंद्र भेजा गया है।

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