कन्वर्टेड आदिवासियों को ST की लिस्ट से हटाया जाए’, बीजेपी नेता चंपई सोरेन ने दिया बड़ा बयान

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जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के विधायक चंपई सोरेन ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि जो आदिवासी दूसरे धर्म में चले गए हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति यानी कि ST की लिस्ट से बाहर करना बहुत जरूरी है। सोरेन ने कहा कि इससे आदिवासी समाज की पहचान और परंपराओं की रक्षा हो सकेगी। चंपई सोरेन ने अपने बयान में कहा, ‘धर्मांतरण आदिवासी समाज के वजूद के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। अगर ऐसे ही धर्मांतरण होते रहे तो आने वाले समय में हमारे जाहेरस्थान, सरना स्थल और देशावली में पूजा करने के लिए कोई आदिवासी नहीं बचेगा।’चंपई सोरेन ने आगे कहा, ‘हमारी परंपरा, संस्कृति और हमारा अस्तित्व ही मिट जाएगा। जो आदिवासी अपनी मर्जी से दूसरा धर्म अपनाना चाहते हैं, वे अपनाएं, इसमें कोई रोक-टोक नहीं। लेकिन उन्हें ST के लिए बने आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों का फायदा नहीं मिलना चाहिए। ऐसे लोगों को लिस्ट से बाहर कर दें तो हमारी पुरानी व्यवस्था और हमारा वजूद बच सकता है।’ चंपई सोरेन ने बांग्लादेश से हो रही घुसपैठ को भी आदिवासी समाज के लिए गंभीर खतरा बताया।चंपई सोरेन ने इस समस्या से निपटने के लिए झारखंड में विशेष गहन समीक्षा यानी कि SIR कराने की जोरदार मांग की। उनका कहना है कि इससे घुसपैठियों की पहचान आसान होगी और उन्हें वोटर लिस्ट से हटाकर देश से बाहर करना भी सुगम हो जाएगा। इसी मुद्दे पर बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रमेश हंसदा ने भी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य में नगर निकाय चुनाव तभी कराए जाएं जब SIR पूरा हो जाए।

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