दिनारा में ठंड का कहर: कोहरे की चादर में लिपटी सुबह, सर्द हवा से कांपा जनजीवन

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दिनारा (रोहतास):- दिसंबर की विदाई के साथ ही सर्दी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार की सुबह दिनारा घने कोहरे की मोटी चादर में पूरी तरह लिपटी नजर आई। हालात ऐसे रहे मानो प्रकृति ने पूरे कस्बे को धुंध के आगोश में कैद कर दिया हो। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, आम दिनों की चहल-पहल गायब थी और ठंडी पछुआ हवा ने लोगों की हड्डियों तक को कंपा दिया। सुबह के वक्त दृश्यता महज 10–15 मीटर तक सिमट गई। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम सी गई और सड़कें रेंगती हुई गाड़ियों की कतारों से भर गईं। छोटे वाहन बड़े वाहनों के पीछे चलने को मजबूर दिखे, जबकि आरा–मोहनियां राष्ट्रीय राजमार्ग 319 से लेकर ग्रामीण मार्गों तक हेडलाइट जलाकर सफर करना मजबूरी बन गया। मौसम की मार ने जनजीवन की गति पर साफ ब्रेक लगा दिया।तापमान में भी स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार दो दिनों तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, जिससे ठंड का असर और गहराता चला गया। मंगलवार दोपहर बाद कुछ समय के लिए सूरज झलका जरूर, लेकिन पछुआ हवा ने राहत की हर उम्मीद को ठंड में बदल दिया।कोहरे और कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सभी निजी एवं सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा-8 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 24 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि नन्हे बच्चों को शीतलहर और ठंडजनित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।वहीं, कक्षा-9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल पूरी तरह बंद नहीं रहेंगे, लेकिन उनकी कक्षाएं सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही संचालित की जाएंगी।बावजूद इसके, ठंड का सबसे ज्यादा असर गरीबों, मजदूरों और दिहाड़ी पर काम करने वालों पर साफ नजर आया। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घर से निकले लोग जहां कहीं अलाव जलता दिखा, वहीं रुककर खुद को गर्म करने की कोशिश करते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में लोगों ने लकड़ी और उपलों का इंतजाम कर सर्दी से बचाव का जुगाड़ किया।हालांकि, जहां आम जनजीवन ठिठुरता दिखा, वहीं किसानों के चेहरों पर संतोष की झलक साफ नजर आई। किसानों का मानना है कि यह कोहरा गेहूं की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं। किसान संतोष कुमार, राधेश्याम सहित अन्य किसानों ने बताया कि कोहरे से सिंचाई की जरूरत कम हुई है और इससे फसल के विकास को गति मिलेगी।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक कोहरे का असर बना रह सकता है। ऐसे में दिनारा के लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम करने की जरूरत है। फिलहाल, दिनारा सर्द हवा, कोहरे और कंपकंपाती ठंड के बीच अपनी रफ्तार थामे हुए है।जहां जिंदगी धीमी है, लेकिन सर्दी का असर पूरी तरह हावी।

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