छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ‘आई लव यू’ कहना अपराध नहीं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत सुरक्षित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि किसी को ‘आई लव यू’ कहना कोई अपराध नहीं है। न्यायालय ने कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत आता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) में नागरिकों को प्राप्त है।

यह फैसला तब सामने आया जब एक युवक पर किसी युवती को ‘आई लव यू’ कहने के कारण आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक कोई अश्लील इरादा या जबरदस्ती न हो, तब तक प्रेम की अभिव्यक्ति को अपराध नहीं माना जा सकता।

अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, “प्यार का इज़हार, यदि शालीनता और सम्मान के साथ किया गया हो, तो उसे संविधान द्वारा संरक्षित किया गया है।” अदालत ने यह भी जोड़ा कि ऐसे मामलों में सामाजिक नैतिकता के नाम पर किसी की स्वतंत्रता का हनन नहीं किया जा सकता।

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोग इसे एक प्रगतिशील कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बता रहे हैं।

यह फैसला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में बोलने और भावनाओं की अभिव्यक्ति का अधिकार सभी नागरिकों को है, बशर्ते वह कानून और मर्यादा के दायरे में हो।

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