ड्रिलिंग के दौरान भरभराकर गिरी बिल्डिंग, 2 की मौत

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कोटा: कोटा के जवाहर नगर इलाके में तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं. जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था. हादसे के वक्त बिल्डिंग के अंदर करीब 15 लोग मौजूद थे. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, नगर निगम का बचाव दल, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं.4 फरवरी से पास वाली अवैध बिल्डिंग में ड्रिल हैमर से तोड़फोड़ और खुदाई का काम शुरू किया गया था. इस दौरान लगातार ड्रिलिंग और भारी मशीनों के इस्तेमाल से जबरदस्त वाइब्रेशन पैदा हुआ, जिससे सटी हुई पुरानी बिल्डिंग की नींव कमजोर होने लगी. स्थानीय लोगों के मुताबिक, ड्रिलिंग के चलते पहले ही दिन से आसपास की इमारतों में कंपन महसूस किया जा रहा था. धीरे-धीरे जिस बिल्डिंग में रेस्टोरेंट संचालित था, उसकी दीवारों में दरारें आने लगीं.स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने इस खतरे को भांपते हुए नगर निगम अधिकारियों को कई बार शिकायत दी. लोगों ने बताया कि बिल्डिंग में बड़ी-बड़ी दरारें साफ नजर आ रही थीं और किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता था. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. ना तो निर्माण कार्य को रोका गया और ना ही भवन की मजबूती की जांच करवाई गई. लापरवाही का यही नतीजा रहा कि कुछ ही दिनों में पूरी इमारत भरभराकर गिर पड़ी.हादसे के समय बिल्डिंग के आस-पास अफरा-तफरी मच गई. तेज धमाके जैसी आवाज के साथ इमारत गिरने से इलाके में दहशत फैल गई. आस-पास मौजूद लोग जान बचाकर इधर-उधर भागे. गनीमत रही कि हादसे के वक्त बिल्डिंग में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा जनहानि का खतरा था. राहत और बचाव कार्य में स्थानीय लोग, पुलिस और नगर निगम की टीमें जुट गईं. इस हादसे में 13 लोग घायल हुए, जिनमें से 5 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई. हादसे में एक स्टूडेंट सहित 2 लोगों की मौत हुई है, जबकि बाकी 8 घायल अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन रात 3 बजे तक जारी रहा, जिसमें प्रशासन और SDRF की टीम ने मलबा हटाकर सभी घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटा शहर में इस तरह के अवैध निर्माण लगातार बढ़ते जा रहे हैं. समय पर कार्रवाई न होने के कारण बिल्डर और भवन मालिक बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. लोगों ने मांग की है कि पूरे इलाके में बने अवैध निर्माणों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. साथ ही, हादसे के जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए.

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