प्रेमिका के लिए पाकिस्तान पहुंचे बादल बाबू ने कबूला इस्लाम,

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अलीगढ़: मेटा (फेसबुक) पर दोस्ती के बाद युवती के प्यार में सीमा पार करके पाकिस्तान पहुंचे अलीगढ़ के बरला के बादल बाबू ने सजा तो पूरी कर ली है, लेकिन जुर्माना न भर पाने के चलते अभी उसे कुछ दिन और जेल में रहना पड़ेगा। उसके केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता फियाज रामे ने नए साल पर वीडियो डालकर इसका खुलासा किया है।उन्होंने कहा है कि लाहौर जेल में बंद बादल से उनकी मुलाकात हुई है। बादल ने बताया है कि उसने पूरी तरह से इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है। वह अब पाकिस्तान में ही रहना चाहता है। उसने भारत लौटने से मना कर दिया है। हालांकि नियमों के तहत वह पाकिस्तान में नहीं रह सकता है। इसलिए उसे डिपोर्ट ही किया जाएगा।बरला के गांव खिटकारी के रहने वाले बादल बाबू को 27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वीजा या दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे सका था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया था। 30 अप्रैल को बादल को एक साल कैद की सजा सुनाई गई। बादल के पिता कृपाल सिंह ने दिल्ली के एक मित्र के माध्यम से पाकिस्तान के कराची के अधिवक्ता फियाज रामे से संपर्क किया था, जो बादल के केस की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले वीडियो डालकर बताया था कि बादल ने सजा पूरी कर ली है। उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। एक सप्ताह में उसे भारत वापस भेज दिया जाएगा।एक जनवरी 2026 को उन्होंने एक वीडियो डाला। इसमें कहा है कि वह वह जिला जेल, लाहौर में मौजूद हैं। बादल की सजा पूरी हो चुकी है। उसे डिपोर्ट करने की प्रक्रिया को साझा कर रहे हैं। आज उनकी बादल से मुलाकात हुई है। इसे लेकर विस्तृत वीडियो डालने की बात कही। इसके बाद कृपाल सिंह ने अधिवक्ता से संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन, बात नहीं हो सकीं। हालांकि देररात अधिवक्ता ने एक और वीडियो डाली। इसमें बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से अनुमति के बाद उन्होंने लाहौर जेल में बादल से मुलाकात की है। बादल ने सजा पूरी कर ली है। लेकिन, वह जुर्माना नहीं भर पाया है। इसलिए उसे कुछ दिन और अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। सना रानी के मिलने के सवाल उसने बताया कि जेल में सना उससे मिलने के लिए नहीं आई। इसे लेकर और कुछ बातें हैं, जिसके बारे में अधिवक्ता ने जल्द ही जानकारी साझा करने को कहा है।इस खुलासे के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है। कृपाल सिंह ने बताया कि वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बादल बाबू से बात कराने की बात कही थी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका है। पिता ने कहा कि कुछ समझ नहीं आ रहा है। मेरे पास तो इतने रुपये भी नहीं है कि जुर्माना भर पाऊं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करके बादल की सुरक्षित वतन वापसी कराएं।अधिवक्ता ने बताया कि बादल ने जेल में रोजाना नमाज पढ़ी है। इसके अलावा उसने बताया कि जेल में उसकी हर जरूरतों का ख्याल रखा गया। वह अलग बैरक में रह रहा है। किसी तरीके की कोई परेशानी नहीं है। वह पाकिस्तान में ही रहना चाहता है। उसे किसी किस्म का नुकसान न पहुंचाया जाए। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि सरकार का फैसला होता है कि अगर कोई कैदी सजा पूरी कर ले तो वापस डिपोर्ट ही किया जाता है।

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