राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक लंबितता स्वीकार्य नहीं – डीएम


बिहार :- जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह की अध्यक्षता में जिले के सभी अंचलाधिकारी एवं डीसीएलआर के साथ राजस्व विभाग से जुड़े मामले की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में भूमि एवं राजस्व से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा आम जनता को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार, भूमि मापी, अतिक्रमण निराकरण, परचा, बासगीत भूमि एवं अन्य राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक लंबितता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अंचलाधिकारी अपने-अपने अंचलों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अंचलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है, वहां विशेष अभियान चलाकर मामलों का निष्पादन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय-सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि राजस्व से जुड़े मामलों में जनहित, निष्पक्षता एवं संवेदनशीलता सर्वोपरि होनी चाहिए। भूमि विवादों के समाधान में विधि-सम्मत प्रक्रिया अपनाते हुए आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
बैठक में भूमि अभिलेखों के अद्यतन, ऑनलाइन सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सतत निगरानी पर भी चर्चा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग कर राजस्व प्रशासन को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाए।
अपर समाहर्ता एवं राजस्व अपर समाहर्ता ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं, राजस्व प्रभारी ने फील्ड स्तर पर निरीक्षण बढ़ाने, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग आम नागरिकों से सीधे जुड़ा विभाग है और इसकी कार्यप्रणाली से ही प्रशासन की छवि बनती है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारी एवं डीसीएलआर से अपेक्षा जताई कि वे कर्तव्यनिष्ठा, जवाबदेही और विभागीय निर्देशों के पूर्ण अनुपालन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। बैठक में अपर समाहर्ता एवं राजस्व प्रभारी श्री जफर हसन भी उपस्थित थे।



