ईरान-इजरायल सीजफायर के बाद कच्चे तेल के दाम धड़ाम, चहक उठा शेयर बाजार


लोक आलोक न्यूज डेस्क:- ईरान और इजराइल के बीच बीते 12 दिनों से चले तनावपूर्ण हालात और हमलों के सिलसिले पर जब सीजफायर का ऐलान हुआ तो इसका असर सिर्फ कूटनीतिक हलकों में ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखा, सबसे बड़ा प्रभाव कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों पर पड़ा जो सीजफायर की खबर के बाद अचानक धड़ाम हो गए, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दामों में एक ही दिन में लगभग 3.2% की गिरावट दर्ज की गई और यह 82 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, इसी के साथ भारत सहित एशियाई बाजारों में भी राहत की लहर दौड़ गई, भारत में पेट्रोल-डीजल की संभावित कीमतों में नरमी के संकेत मिले हैं, इस गिरावट का सीधा फायदा भारतीय शेयर बाजार को मिला जहां बीएसई सेंसेक्स ने 700 अंकों की छलांग लगाई और निफ्टी भी 22,400 के पार पहुंच गया, ऑयल एंड गैस, एविएशन और ऑटो सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई, निवेशकों का सेंटीमेंट सुधरा और विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ी, जानकारों का कहना है कि ईरान-इजरायल टकराव के चलते आपूर्ति बाधित होने का डर बना हुआ था, जिससे कीमतों में कृत्रिम उछाल आ रहा था, लेकिन सीजफायर की घोषणा ने बाजार को स्थिरता का संकेत दिया है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी भी हो सकती है क्योंकि भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह टले नहीं हैं, फिर भी मौजूदा हालात में यह खबर आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योगों तक के लिए राहत लेकर आई है, अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह सीजफायर कितने दिन टिकता है और ओपेक देश इसका क्या रुख अपनाते हैं, फिलहाल एक बात तो साफ है कि पश्चिम एशिया में शांति की थोड़ी सी भी हवा से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में हरकत आ जाती है और भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत बन जाता है।




