बेटे के निधन के बाद वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल दान करेंगे 75% संपत्ति


Delhi: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया है. इस गहरे दुख के बीच उन्होंने एक बड़ा फैसला दोहराया है, जिसने सबका ध्यान खींचा है. अनिल अग्रवाल ने कहा है कि वह अपनी कमाई का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा दान करेंगे. इसे वह समाजिक कामों में लगाएंगे और आगे की जिंदगी और भी सादगी से जिएंगे.अनिल अग्रवाल ने अपने भावुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने यह वादा अपने बेटे अग्निवेश से किया था. उन्होंने कहा कि जो भी कमाया है, उसका बड़ा हिस्सा समाज को लौटाया जाएगा. बेटे के जाने के बाद उन्होंने यह संकल्प और मजबूत किया है और कहा है कि अब उनकी बाकी जिंदगी इसी मकसद के लिए होगी.अगर उनकी नेटवर्थ की बात करें, तो अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ लाखों करोड़ रुपये में आंकी जाती है। सन्डे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक अनिल अग्रवाल के पास 4.2 अरब डॉलर यानी 3.66 लाख करोड़ की दौलत है. उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा वेदांता ग्रुप की कंपनियों, शेयरहोल्डिंग और निवेश से आता है। बाजार की चाल के साथ उनकी संपत्ति घटती-बढ़ती रहती है, लेकिन फिर भी वे देश के सबसे अमीर बिजनेस लीडर्स में गिने जाते हैं।अनिल अग्रवाल के मुताबिक, दान की जाने वाली इस संपत्ति का इस्तेमाल गरीबों की मदद, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसर बढ़ाने में किया जाएगा। उनका मानना है कि अगर समाज मजबूत होगा, तो देश भी आगे बढ़ेगा। वे अब बिजनेस के साथ-साथ समाज सेवा को भी अपनी प्राथमिकता मानते हैं।वेदांता ग्रुप के संचालन में अब परिवार की अगली पीढ़ी भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल ग्रुप से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। वह कंपनी के कई फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर भी ध्यान देती हैं।अनिल अग्रवाल का यह फैसला बताता है कि आज के बड़े उद्योगपति सिर्फ मुनाफा कमाने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाना चाहते हैं। 75 प्रतिशत संपत्ति दान करने का ऐलान भारतीय उद्योग जगत में एक बड़ा और मिसाल कायम करने वाला कदम माना जा रहा है।




