गुरदासपुर डबल मर्डर के बाद ISI साज़िश या फर्जी एनकाउंटर? विवाद गहरा, परिवार सीबीआई जांच मांग रहा


गुरदासपुर : पंजाब के आदियां गांव में भारत-पाक सीमा के पास दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद सामने आए मामले में विवाद तेज़ हो गया है। पुलिस ने हत्या के पीछे आईएसआई (ISI) साज़िश का दावा किया था, लेकिन अब 19 वर्षीय रंजीत सिंह की मुठभेड़ में मौत को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पंजाब पुलिस का कहना है कि ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के निर्देश पर तीन युवकों ने गोली मारकर हत्या की थी और इसके बाद आरोपियों की तलाश में चल रही कार्रवाई के दौरान रंजीत को एनकाउंटर में मार दिया गया। पुलिस का दावा है कि तीनों ने वारदात के लिए पैसे भी लिए थे।
लेकिन रंजीत के परिवार और ग्रामीणों ने इस दावे को खारिज किया है। उनका कहना है कि रंजीत निर्दोष था और पुलिस ने उसे घर से उठाकर ले जाने के बाद एनकाउंटर दिखाकर मार दिया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि एनकाउंटर से पहले इलाके के सीसीटीवी कैमरे हटाए गए थे और DVR भी पुलिस ने ले लिया।
परिवार अब सुप्रीम कोर्ट या CBI जांच की मांग कर रहा है और पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच की उम्मीद जताई है। विरोधियों का तर्क है कि पुलिस की कहानी में विरोधाभास हैं और तथ्यों की जांच के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचना सही नहीं है।
इस बीच विपक्ष और मानवाधिकार समूह भी मामला उठा रहे हैं। कुछ नेताओं ने न्यायिक या केंद्रीय एजेंसी (CBI/NIA) जांच की मांग की है, ताकि मौत के पीछे की वजह स्पष्ट हो सके और जनता का भरोसा कायम रहे।
पुलिस का कहना है कि उन्होंने एक आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया, एक को गिरफ्तार किया है और तीसरे की तलाश जारी है। वहीं आरोपियों द्वारा पुलिस पर गोली चलाए जाने के भी दावे पुलिस की तरफ से सामने आए हैं।



