आदित्यपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था फेल, अब आम जनता पर जुर्माने का डंडा


आदित्यपुर : आदित्यपुर नगर निगम शहर की गंदगी पर नियंत्रण पाने में नाकाम साबित हो रहा है। नगर निगम के 35 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठाने की व्यवस्था होने के बावजूद शहर की गलियों, सड़कों और नालों में गंदगी का अंबार लगा है। निगम खुद शहर को साफ रखने में विफल रहा और अब जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए आम जनता पर जुर्माने का डंडा चला रहा है।

हकीकत यह है कि जगह-जगह बने कचरा प्वाइंट से भी समय पर कचरा नहीं उठाया जाता। नतीजा यह होता है कि सड़कों पर गंदगी फैलती है और लोग मजबूर होकर घरों और दुकानों के आसपास ही कचरा फेंकते हैं। इसके बावजूद निगम जनता को ही दोषी ठहराकर 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का जुर्माना वसूलने की तैयारी कर चुका है।
निगम ने इसके लिए एक टीम बनाई है, जिसमें नगर प्रबंधक, राजस्व निरीक्षक और सेनेटरी इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। यह टीम कल से कार्रवाई करेगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या शहर की गंदगी के लिए केवल आम जनता ही जिम्मेदार है?
लोगों का कहना है कि जब निगम का कचरा उठाने वाला वाहन समय पर नहीं पहुंचता, कचरा प्वाइंट्स पर गंदगी सड़ती रहती है और मच्छर-मक्खी फैलते हैं, तो आखिर लोग क्या करें? क्या निगम पहले अपनी जिम्मेदारी निभाएगा या सिर्फ जुर्माना वसूलकर अपनी नाकामी ढकने की कोशिश करेगा?



