एसीबी ने छत्तीसगढ़ का कारोबारी नवीन केडिया को किया गिरफ्तार


झारखंड: झारखंड ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) टीम ने शराब घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है. झारखंड ACB की टीम ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी और छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी के संचालक नवीन केडिया को गोवा से गिरफ्तार कर लिया है. केडिया लंबे समय से फरार था और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच चल रही थी.ACB ने पहले ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. गिरफ्तारी के बाद अब टीम ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें गोवा से रांची लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है. रांची पहुंचने के बाद आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जिससे शराब घोटाले से जुड़े नेटवर्क, सिंडिकेट और लेन-देन की महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है.छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया का नाम छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के साथ-साथ झारखंड शराब घोटाले में भी जुड़ा हुआ है. झारखंड में हुए शराब घोटाले में उनकी कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने देसी शराब की सप्लाई की और इससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया. जांच में यह भी सामने आया है कि झारखंड शराब घोटाले का छत्तीसगढ़ के कारोबारियों से गहरा संबंध रहा है. वहीं, कारोबारी नवीन केडिया के खिलाफ छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में 243.72 करोड़ कमीशन देने का आरोप है.बता दें कि शराब कारोबारी नवीन केडिया के खिलाफ ACB ने अरेस्ट वारंट निकाला था, जिसके बाद से वह फरार था. वहीं, उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में जमानत याचिका भी दाखिल की हुई थी. लेकिन इस याचिका पर सुनवाई से पहले ही ACB की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. जांच एजेंसी के मुताबिक यह मामला उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से जुड़ा है.बता दें कि 13 अक्टूबर 2025 के बाद यह इस मामले में छठी गिरफ्तारी है। इससे पहले एसीबी ने 13 अक्टूबर 2025 को गुजरात के अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी विजन हॉस्पिटालिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।इसके बाद 14 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से शराब कारोबारी राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल को पकड़ा गया। वहीं, 13 दिसंबर को महाराष्ट्र के ठाणे से प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स मार्शन के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को गिरफ्तार किया गया था।अब नवीन केडिया की गिरफ्तारी के बाद एसीबी की जांच और तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।




