सोना देवी विश्वविद्यालय में इंडियाज रोल इन ग्लोबल ग्रोथ: सस्टेनेबिलिटी इन द 21वीं सेंचुरी विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेस का आयोजन किया गया मुख्य अतिथि प्रो डा शुक्ला मोहंती द्वारा स्मारिका का किया गया विमोचन झारखण्ड समेत अन्य राज्यों के 200 से अधिक रिसर्च स्कालरों ने शोधपत्र किया प्रस्तुत

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झारखंड: इंडियाज रोल इन ग्लोबल ग्रोथ: सस्टेनेबिलिटी इन द 21वीं सेंचुरी विषय पर सोना देवी विश्वविद्यालय में 22 नवम्बर को एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेस का आयोजन किया गया. इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन एसडीयू स्कूल आफ कामर्स एण्ड मैनेजमेंट तथा एसडीयू स्कूल आफ कम्प्यूटर साइंस एण्ड आईटी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रो डा शुक्ला मोहंती द्वारा स्मारिका का विमोचन किया गया. डा शुक्ला मोहंती ने कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा के कुलपति पद को सुशोभित किया है. उन्हें उड़ीसा के राज्यपाल का शैक्षणिक सलाहकार भी बनया गया. इस रूप में भी उन्होनें शिक्षा के विकास के लिए कई कार्य किए हैं. विशिष्ट अतिथि के रूप में डा देवाशीष प्रधान जमशेदपुर XLRI के प्राध्यापक इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शामिल हुए. इस कान्फेंस में झारखंड समेत अन्य राज्यों के 200 से अधिक रिसर्च स्कालरों ने आनलाईन तथा आफ लाईन मोड में शोधपत्र प्रस्तुत किया.

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इस कांफ्रेंस में सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा गुलाब सिंह आजाद ने एसडीयू की स्थापना से लेकर अबतक की विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों से अवगत कराया. साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भारत देश के योगदान की चर्चा की. उन्होंने एसडीयू के प्रथम अंतरराष्ट्रीय सेमिनार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एसडीयू द्वारा भी सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में कई कार्य किये जा रहे हैं. उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग, उर्जा संरक्षण, मानव संसाधन का विकास आदि कार्य किये जा रहे हैं ताकि समग्र और संतुलित विकास की दिशा में योगदान दिया जा सके.
डा पवन कुमार सिंह आईआईएम त्रिचुरापल्ली के निदेशक ने विडियो संदेश के माध्यम से सतत विकास के संबंध में अपने विचार रखे. कहा कि यह बहुत ज्वलन्त विषय है. रिसर्चर को आर्थिक, पर्यावरण और सामाजिक हर पहलुओं पर विचार करते हुए शोध के नए आयाम ढूढने होंगे. योगदा सत्संग महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डा मृणाल गौरव ने भी सतत विकास के संबंध में अपने विचार व्यक्त किया. डा मृणाल गौरव ने 21वीं सदी में सतत विकास के संबंध में आडियो विजुअल माध्यम से प्रजेंटेशन दिया और सतत विकास में जनभागीदारी का महत्व बताया आर्थिक गतिविधियों की चर्चा की और संसाधनों की मित्व्वयीता पर बल दिया. XLRI के प्रोफेसर डा देवाशीष प्रधान ने वृद्धि एवं गुणवत्तापूर्ण विकास की चर्चा की तेजी से बढती हुई अर्थव्यवस्था में संसाधनों के समुचित उपयोग पर बल दिया. के प्रभात कुमार ने कहा कि सतत विकास के लिए हम सब जिम्मेवार हैं देश तेजी से तरक्की कर रहा है मतलब सतत विकास हो रहा है देश के विकास में राज्यों की भूमिका है झारखंड खान खनिज वाहन उद्योग और पर्यटन के लिए जाना जाता है इसी क्षेत्र में इसका सतत विकास करना है सतत विकास के लिए दूरद्ष्टि होनी चाहिए. सेंट्रल यूनिवर्सिटी रांची झारखण्ड के मानवविज्ञान विभाग एवं जनजातीय अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष प्रो रवीन्द्र नाथ शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए.डा देवाशीष प्रधान जेवियर स्कूल आफ मैनेजमेंट जमशेदपुर श्री प्रभात कुमार कन्फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्रीज रांची डा कुलदीप बौद्व एसोशिएट प्रोफेसर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ने भी सस्टेनेबल डेवलपमेंट में भारत की भूमिका के संबेध में विचार साझा किया डा दिव्यांशु कुमार ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार से रिसर्च स्काॅलर का ज्ञानवर्द्धन किया और नए तरीके से विकास के संबंध में सोचने की दृष्टि दी.इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में डा प्रणव कुमार इंस्टीट्युट आफ मटेरियल साइंस स्टुअर्ट विश्वविद्यालय जर्मनी तथा डा अरूंगम जी सीतापरम एशिया पैसेफिक यूनिवर्सिटी आफ टेक्नोलाॅजी एण्ड इनोवेशन एपीयू कुआलम्मपुर मलेशिया ने आनलाईन विचार साझा किया.डा सुधांशु मौर्य तथा डा विकास कुमार ने भी पीपीटी प्रस्तुति दी. इस कांफ्रेंस के सफल संचालन में सिद्धांत कुमार, विनय प्रकाश चाौधरी, पतत्रि माली,मोनिका सिंह, प्रिंसी सिंह, सुप्रिया कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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