XITE कॉलेज गम्हरिया में एक पुस्तक का विमोचन

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जमशेदपुर:  XITE कॉलेज, गमरहिया में फैकल्टी द्वारा लिखित नवीनतम पुस्तक, “टूवार्ड्स सस्टेनेबल ग्रोथ इन इंडिया: कनेक्टिंग द मिसिंग का विमोचन किया गया । इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य फादर फ्रांसिस ने संवाददाता समेलन मे बताया कि संयुक्त राष्ट्र सतत विकास को “ऐसे विकास के रूप में परिभाषित करता है जो भविष्य की पीढ़ियों की अपनी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है”।

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उन्होंने कहा भारत के अनुसार, सतत विकास लक्ष्यों के लिए लक्ष्यों के एक सेट में विकास और पर्यावरणीय लक्ष्य दोनों शामिल होने चाहिए। पर्यावरण और विकास के बीच असंतुलन ही समस्या है, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों में हमेशा होता है। पुस्तक के अध्यायों में स्थिरता के मुद्दे के साथ-साथ इसके अनछुए उपविषयों पर साक्ष्य-आधारित प्रतिबिंब शामिल हैं। यह स्थिरता की मूलभूत नींव को संबोधित करता है, जो भारतीय वृद्धि, विकास और अर्थशास्त्र के हर पहलू को प्रभावित करता है।

यह पुस्तक विषय के महत्व, उसकी विशेषताओं और प्रस्तावित मॉडल देश के दीर्घकालिक विकास में कैसे योगदान दे सकता है, इसकी भी जांच करती है। XITE कॉलेज ने विभिन्न लेंसों के माध्यम से सतत विकास की विभिन्न बारीकियों पर प्रकाश डाला है। कॉलेज वर्तमान में बीबीए, बी.कॉम, बी.ए. जैसे बहु-विषयक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। अंग्रेजी और बी.ए. अर्थशास्त्र. सभी धाराओं के प्रोफेसरों ने अपने विषय क्षेत्र से विषय की खोज की है ।

पुस्तक, संक्षेप में, तर्क देती है कि विषय में कई दृष्टिकोण शामिल हैं, उदाहरण के लिए लोकतंत्र, शिक्षा, नीति, पर्यावरण संरक्षण और अर्थव्यवस्था जो नैतिक मानव व्यवहार और नागरिक भावना को मानते हैं। उप प्राचार्य फादर मुक्ति क्लेरेंस ने कहा कि “मनुष्य के पास हासिल करने के लिए साधन और इच्छाशक्ति है लेकिन जब तक यह एक ठोस प्रयास नहीं बन जाता, अंतर बना रहेगा।” उन्होंने संकाय को उनके ईमानदार प्रयास के लिए बधाई दी और कहा, “इस पुस्तक का अध्याय मोटे तौर पर दो प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है: अवधारणा और इसके निहितार्थ को समझना।

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(फादर) मुक्ति क्लेरेंस, एस.जे. ने पुस्तक का मार्गदर्शन और संपादन किया है। डॉ. संचिता घोष चौधरी और अकिंचन ज़ाक्सा ने प्रूफरीड किया है। इस इस अवसर पर डॉक्टर पार्था प्रिय दास ,प्रोफेसर अमित, डॉक्टर संचिता घोष चौधरी, प्रोफेसर शालू कांत ,प्रोफेसर अकिंचन, प्रोफेसर सुष्मिता सेन डॉ प्रमोद कुमार सिंह, डॉक्टर राधा महाली डॉ राजेश कुमार राणा, प्रोफेसर शैलेश कुमार दुबे , नवल चौधरी उपस्थित थे। पूरे कार्यक्रम लगभग 2 घंटे तक चला।

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