“झरनों के शहर” ने वर्चुअल दुनिया की बेड़ियों को  तोड़ा दो वर्षों बाद टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट का किया स्वागत  

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रांची/जमशेदपुर:-  जो वनांचल और झरनों के शहर के रूप में मशहूर है, अब टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट के जरिए वर्चुअल दुनिया की बेड़ियो को तोड़ते हुए शारीरिक उपस्थिति के साथ साहित्य महोत्सव का स्वागत करने को तैयार है। फरवरी 2020 बाद से यह शहर के सामान्य स्थिति में वापस लौटने का जश्न भी होगा। यह महोत्सव दो साल के अंतराल के बाद ऑड्रे हाउस में 5 और 6 मार्च (शनिवार और रविवार) को मनाया जाएगा। इस टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट में हाल के दिनों के भारत के सबसे महत्वपूर्ण जीवनी लेखक और कई कवि, उपन्यासकार तथा कला के क्षेत्र से पुरुष और महिलाएं शामिल होंगी।

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इस महोत्सव का उद्घाटन 5 मार्च को झारखंड के श्रद्धेय कवि महादेव टोप्पो द्वारा लोकप्रिय उपन्यासकार और स्तंभकार गुरचरण दास के साथ किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोकप्रिय स्टैंड-अप हास्य कलाकार अभिजीत गांगुली का कार्यक्रम, कुणाल बसु के नए उपन्यास का विमोचन, पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद और अनुभवी पत्रकार प्रदीप मैगजिन के साथ क्रिकेट और क्रिकेट लेखन पर एक सत्र तथा प्रख्यात जीवनी लेखक / राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश द्वारा लिखित पुस्तक ‘द लाइट ऑफ एशिया, द पोयम दैट डिफाइंड द बुद्धा’ पर कार्यक्रम शामिल है। श्री रमेश का यह प्रकाशन एडविन अर्नोल्ड की एक साहित्यिक कृति ‘द लाइट ऑफ एशिया’ की एक दुर्लभ जीवनी है, जो महाकाव्य है और इससे अमेरिका और यूरोप के लोगों ने बौद्ध धर्म के बारे में जाना। इस शाम का समापन सोनम कालरा के शाम-ए-सूफियाना के साथ होगी।

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इसी तरह 6 मार्च, रविवार को सुपरस्टार उत्तम कुमार और सौमित्र चटर्जी के जीवनी पर जाने-माने गीतकार और लेखक चंद्रिल भट्टाचार्य के साथ चर्चा होगी। इससे पहले, लोकप्रिय लेखक सत्य व्यास स्मार्टफोन के युग में हिंदी के विकास और परिवर्तनों पर बात करेंगे। रविवार को उत्तरार्ध में 1950 के दशक से अब तक हिंदी सिनेमा के खलनायक कैसे बदले हैं, पर कार्यक्रम के साथ सत्यजीत रे को उनकी शताब्दी पर श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिसमें उनके दो नायक मोहन अगाशे और बरुण चंदा पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता सुमन घोष के साथ चर्चा करेंगे। इस साहित्यिक कार्यक्रम का समापन अनुज लुगुन द्वारा पत्थलगढ़ी के लोकार्पण के साथ ही प्रशंसित भरतनाट्यम प्रतिपादक और पद्म भूषण पुरस्कार विजेता मल्लिका साराभाई द्वारा एक नृत्य प्रदर्शन के साथ होगा, जिसमें वह अपने बेटे रेवंत साराभाई के साथ एक दुर्लभ प्रस्तुति देंगी।

टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज,  चाणक्य चौधरी ने कहा, “हमें इतने चुनौतीपूर्ण समय के बाद अपनी साहित्यिक यात्रा को फिर से शुरू करने पर प्रसन्नता है। हम टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट के चौथे संस्करण के साथ रांची लौटने को लेकर उत्साहित है। यह शानदार है और इसमें शुद्ध साहित्य से लेकर लोकप्रिय पुस्तकें और शास्त्रीय कला से लेकर स्टैंड-अप तक शामिल है। इसमें स्थानीय खुशबू के साथ ही शहर की जिज्ञासा का प्रतिबिंब भी है कि साहित्यिक दुनिया में क्या हो रहा है।

इस महोत्सव की निदेशक मालविका बनर्जी ने कहा, “रांची में हमारे साहित्य उत्सव की एक अनूठी विशेषता यह है कि हम कई भाषाओं में कार्यक्रम कर सकते हैं। इसमें हिंदी और अंग्रेजी तो है ही, साथ ही संथाली, नागपुरी, खलीफा, बंगाली और थोड़ी उर्दू भी है। इसका श्रेय रांची को जाता है कि हम इन सभी भाषाओं को एक मंच पर ला सके हैं।

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