कोल्हान विश्वविद्यालय और महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह की सीएसआर पहल ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ के बीच एमओयू, छात्राओं को मिलेगा निःशुल्क सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण

Advertisements

चाईबासा :  कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा और महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ के क्रियान्वयनकर्ता नांदी फाउंडेशन के बीच छात्राओं को निःशुल्क सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अमर कुमार, उप-कुलसचिव श्री मुरली कुमार मिश्रा, झारखंड के स्टेट ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर श्री रिंकू सिंह, ईस्ट एंड नॉर्थ ईस्ट के प्रोग्राम मैनेजर श्री मृत्युंजय कुमार, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट निदेशक डॉ. सुनीता कुमारी, वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह, प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती, सीवीसी डॉ. प्रभात कुमार सिंह तथा एनएसएस निदेशक एवं मीडिया सह-प्रवक्ता डॉ. मीनाक्षी मुंडा उपस्थित थीं।

क्या है नांदी फाउंडेशन?

नांदी फाउंडेशन एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है, जो शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित करता है। यह महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह की सीएसआर पहल ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ का क्रियान्वयन करता है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने तथा कार्यस्थल की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायता दी जाती है।

समझौते के तहत बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम., एम.ए., एम.एससी., एम.कॉम., बीबीए और एमबीए सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के अंतिम दो वर्षों में अध्ययनरत छात्राओं को निःशुल्क सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षण के दौरान संवाद कौशल, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और रोजगार संबंधी दक्षताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

See also  नवरात्रि पर टीम पीएसएफ की सेवा पहल, 30 सबर परिवारों को मिले नए कपड़े और राशन

यह पहल उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने तथा छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।

About The Author

You may have missed