SSP साहब…मेरा बेटा मुझे वापस दिलाइए…” गुमशुदा बेटे की तलाश में दर-दर भटक रही मां, धर्मांतरण और प्रताड़ना का गंभीर आरोप लेकर SSP ऑफिस पहुंची महिला

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जमशेदपुर। “साहब…मेरा बेटा कहीं खो गया है या उसे मुझसे दूर कर दिया गया है… बस उसे ढूंढकर मुझे सौंप दीजिए…” — यह गुहार है सोनारी की रहने वाली पुष्पा बेसरा की, जो पिछले कई महीनों से अपने बेटे की तलाश में दर-दर भटक रही है। अब उसने पूरे मामले को लेकर पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

सोनारी के लहरी बस्ती, इंदिरा मार्ग निवासी पुष्पा बेसरा ने SSP को दिए आवेदन में अपने जीवन की दर्दनाक कहानी बयां करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसके बेटे राहुल को पहले उससे अलग किया गया, फिर कथित रूप से उसका नाम बदल दिया गया और अब वह रहस्यमय तरीके से लापता है।

पुष्पा बेसरा के अनुसार, उसके बेटे राहुल का जन्म 4 नवंबर 2013 को एमजीएम अस्पताल में हुआ था, जिसका जन्म प्रमाण पत्र भी उसके पास मौजूद है। महिला ने बताया कि उसके पूर्व पति राजू उरांव का आपराधिक चरित्र था और वह लगातार मारपीट तथा प्रताड़ना करता था। जान बचाने के लिए वह बेटे को लेकर अलग रहने लगी थी।

महिला का आरोप है कि इसी दौरान धातकीडीह में देशी शराब के कारोबार से जुड़े कुछ लोग उसके पास पहुंचे और यह कहकर बेटे को अपने साथ ले गए कि पिता अब अच्छी कमाई कर रहा है और बच्चे की पढ़ाई-लिखाई अच्छे से कराएगा। बेटे के भविष्य की चिंता में उसने राहुल को उसके पिता के पास भेज दिया।

लेकिन यहीं से कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया।

पुष्पा के मुताबिक, कुछ समय बाद कदमा की रहने वाली नुसरत नामक महिला का फोन आया कि उसका बेटा काफी बीमार है। जब वह वहां पहुंची, तो उसे पता चला कि उसका बेटा अब नुसरत के पास रह रहा है। महिला का आरोप है कि नुसरत ने उसे बताया कि उसके पति ने बच्चे को पालन-पोषण के लिए उसे सौंप दिया है।

इस बीच उसे यह भी जानकारी मिली कि उसके पति राजू उरांव की मौत हो चुकी है, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पति की मौत की खबर भी उसे दो महीने बाद मिली।

मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब 14 अक्टूबर 2025 को पुष्पा को पता चला कि उसके बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट कदमा थाना में दर्ज कराई गई है। महिला का दावा है कि उस रिपोर्ट में उसके बेटे “राहुल” के नाम के साथ “गुलाम हसन” नाम भी जोड़ा गया था। यही बात उसके मन में बड़े षड्यंत्र की आशंका पैदा कर गई।

महिला का आरोप है कि जब बाद में उसका बेटा मिल गया और वह उसे लेने पहुंची, तो उसके साथ गाली-गलौज कर दरवाजा बंद कर दिया गया और बच्चे से मिलने तक नहीं दिया गया।

अब 13 अप्रैल 2026 को फिर एक फोन कॉल ने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। नुसरत ने कथित रूप से उसे बताया कि उसका बेटा फिर से कहीं भाग गया है और अब उसका कोई पता नहीं चल रहा।

पुष्पा बेसरा ने SSP को दिए आवेदन में आशंका जताई है कि उसके बेटे का धर्मांतरण कर उससे घर का काम कराया जाता था। महिला का कहना है कि प्रताड़ना और डर के कारण ही उसका बेटा वहां से भाग गया होगा।

अब एक मां अपने बेटे की तलाश में पुलिस प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठी है। महिला ने SSP से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बेटे को खोजने और उसे सुरक्षित उसके हवाले करने की मांग की है।

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