सारंडा जंगल बना हाथियों का कब्रिस्तान! एक साल में 6 की मौत से बढ़ी दहशत

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चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल में हाथियों की लगातार हो रही मौत ने वन विभाग और पर्यावरण प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक साल में यहां छह हाथियों की जान जा चुकी है। इनमें कई हाथियों की मौत आईईडी विस्फोट में घायल होने के बाद हुई, जबकि कुछ गंभीर जख्म और संक्रमण के कारण नहीं बच सके। जंगल में माओवादियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक अब वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं।

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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सारंडा के घने जंगलों में बड़ी संख्या में आईईडी लगाए गए हैं, जिससे हाथियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। हाल के महीनों में कई घायल हाथियों का इलाज किया गया, लेकिन सभी को बचाया नहीं जा सका। ड्रोन निगरानी और मेडिकल टीमों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाए जा रहे हैं, फिर भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते जंगलों से विस्फोटकों को नहीं हटाया गया तो वन्यजीवों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, वहीं वन विभाग लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने में जुटा है।

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