जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का हल्लाबोल, कुलपति चैंबर का घेराव कर मांगा बकाया वेतन


जमशेदपुर : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के सिदगोड़ा कैंपस में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब लगभग 120 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कुलपति चैंबर का घेराव किया। ‘एवरग्रीन एजेंसी’ के तहत कार्यरत इन कर्मचारियों ने वर्ष 2025 के तीन महीने और 20 दिनों के बकाया वेतन के भुगतान की purjor मांग की। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने न केवल वेतन, बल्कि एजेंसी और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। शोषण और अनियमितता के गंभीर आरोप मीडिया से रूबरू होते हुए कंप्यूटर ऑपरेटरों और हाउसकीपिंग स्टाफ ने बताया कि उनके वेतन से हर महीने ड्रेस के पैसे काटे जाते हैं, लेकिन आज तक उन्हें वर्दी नसीब नहीं हुई। इसके अलावा, दो महीने की पीएफ (PF) राशि काट ली गई है, लेकिन वह खातों में जमा नहीं हुई है। कई कर्मचारियों को अब तक ईएसआई (ESI) कार्ड भी नहीं मिला है, जिससे वे स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। टेंडर अवधि और आश्वासन का पेच एजेंसी के सुपरवाइजर के अनुसार, 11 जुलाई 2025 को टेंडर की अवधि समाप्त हो गई थी। इसके बाद नए टेंडर होने तक कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के काम को जारी रखने की सहमति इस आश्वासन पर दी थी कि उन्हें उचित भुगतान किया जाएगा। हालांकि, अब तक भुगतान न होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कुलपति का आश्वासन: एक सप्ताह में होगा समाधान विरोध की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. इला कुमार ने कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। मीडिया से बात करते हुए कुलपति ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं का अध्ययन किया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर उनके वेतन और अन्य तकनीकी मुद्दों का समाधान कर लिया जाएगा।



