शांभवी तिवारी ने रचा इतिहास, जमशेदपुर की बेटी बनी देश की सिरमौर ISC 12वीं की परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर बनी नेशनल टॉपर

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सरायकेला: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) के नतीजों ने इस बार पूरे देश का ध्यान जमशेदपुर की ओर खींच लिया है। शहर के प्रतिष्ठित सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी तिवारी ने ISC 12वीं (इंटरमीडिएट) की परीक्षा में 100% अंक प्राप्त कर न केवल राज्य, बल्कि पूरे भारत में प्रथम स्थान (All India Rank 1) प्राप्त किया है। शून्य से शिखर तक: विषय पर असाधारण पकड़ विज्ञान जैसे जटिल विषयों में एक भी अंक न कटने देना शांभवी की ‘अकादमिक उत्कृष्टता’ और ‘कम्पिटिटिव माइंडसेट’ को दर्शाता है। गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान में उनकी इस उपलब्धि ने शिक्षकों और शिक्षाविदों को भी अचंभित कर दिया है।


कैसे बनीं नेशनल टॉपर : 

सरायकेला जिले के आदित्यपुर निवासी शांभवी ने अपनी सफलता के पीछे के रहस्यों को साझा करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं:
रुटीन का महत्व: पढ़ाई में घंटों से ज्यादा ‘क्वालिटी टाइम’ और नियमितता जरूरी है।

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मेंटर्स का सहयोग: स्कूल के शिक्षकों के नोट्स और शंका समाधान ने नींव मजबूत की।शांभवी नीट की परीक्षा में शामिल हो रही है आगे वह डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती है।


तनाव मुक्त तैयारी: शांभवी के पिता राकेश रमन जो आदित्यपुर स्थित आकाशवाणी केंद्र जमशेदपुर में स्टेशन एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान उन्होंने बेटी पर दबाव हावी नहीं होने दिया।कहा कि यह जीत जमशेदपुर के हर उस विद्यार्थी की जीत है जो बड़े सपने देखता है। अगर आपके इरादे अटल हैं, तो शत-प्रतिशत परिणाम भी मुमकिन है।

झारखंड के लिए गौरव का अध्याय : शांभवी की इस बड़ी छलांग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जमशेदपुर देश के प्रमुख एजुकेशनल हब के रूप में मजबूती से उभर रहा है। स्कूल प्रबंधन और शहर के गणमान्य नागरिकों ने इसे ‘झारखंड की मेधा का अंतरराष्ट्रीय परिचय’ करार दिया है। फिलहाल शांभवी के घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है, और वह युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन चुकी हैं।

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