झारखंड पुलिस की छवि धूमिल करने की कोशिश? भ्रामक खबर पर उठे सवाल


आदित्यपुर। आरआईटी थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक के बाद हुए सांकेतिक होली मिलन कार्यक्रम को लेकर एक वेब पोर्टल द्वारा प्रकाशित किए गए खबर पर अब सवाल उठने लगे हैं। पुलिस सूत्रों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित पत्रकार द्वारा तथ्यों की समुचित जांच किए बिना खबर प्रकाशित कर प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। जानकारी के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य होली और रमजान जैसे संवेदनशील पर्वों के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखना था। बैठक में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं थाना क्षेत्र के पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के समापन के बाद कुछ मिनटों का प्रतीकात्मक अबीर-गुलाल कार्यक्रम हुआ, जिसे आपसी सौहार्द का संदेश बताया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे आयोजन के दौरान ड्यूटी व्यवस्था में कोई कमी नहीं रही। क्षेत्र में गश्ती दल, पेट्रोलिंग वाहन एवं अतिरिक्त बल की तैनाती पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रही। बावजूद इसके, खबर में इसे “ड्यूटी में लापरवाही” के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे पुलिस ने तथ्यों से परे बताया है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्योहारों के दौरान पुलिस और समाज के बीच विश्वास कायम करना भी प्रशासनिक दायित्व का हिस्सा है। उनका आरोप है कि खबर में इस पहल के सकारात्मक पक्ष को नजरअंदाज कर एकतरफा चित्रण किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि यदि किसी मीडिया प्रतिनिधि को तथ्य जानने थे, तो आधिकारिक पक्ष लेने का अवसर उपलब्ध था। बिना स्पष्टीकरण लिए प्रकाशित की गई खबर पत्रकारिता की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। सूत्रों के अनुसार, विभाग इस मामले में कानूनी पहलुओं की भी समीक्षा कर रहा है, ताकि भ्रामक या अपुष्ट सूचना के प्रसार पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपुष्ट या एकतरफा खबरों पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।




