जेल में मिला नोबेल, अब हो गईं अरेस्ट,


ईरान: नरगिस मोहम्मदी ईरान की मशहूर ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट हैं.2023 में उनको नोबेल पीस प्राइज मिला.अब उन्हें फिर ईरानी सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया है. 53 साल की नरगिस हाल ही में मशहाद शहर में एक मानवाधिकार वकील खोसरो अलिकर्दी की शोक सभा में शामिल होने गई थीं, तभी उन्हें हिरासत में ले लिया गया. उनके पेरिस स्थित ‘नरगिस फाउंडेशन’के मुताबिक उनके साथ कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है. नोर्वे की नोबेल समिति ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और ईरान सरकार से नरगिस को बिना शर्त रिहा करने की मांग की है.बता दें नरगिस 2021 से तेहरान की कुख्यात एविन जेल में बंद थीं लेकिन दिसंबर 2024 में मेडिकल प्रॉब्लम्स की वजह से उन्हें अस्थाई रिहाई मिल गई थी. अब फिर से गिरफ्तारी हो गई है.नरगिस मोहम्मदी के मामा एक राजनीतिक कार्यकर्ता थे। साल 1978 में ईरानी क्रांति के दौरान उनके मामा को जेल में डाल दिया गया था। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक- उस समय नरगिस छोटी थी और उनकी मां लोकल न्यूज देखती रहती थी ताकि कैदियों के बारे में उन्हें जानकारी मिलती रहे।

1981 में मोहम्मदी ने अपनी मां को जमीन पर बैठकर रोते हुए देखा हुआ था। उस समय उनकी मां के भतीजे यानि नरगिस के चचेरे भाई को फांसी दे दी गई थी। कुछ समय बाद उनके मामा को भी फांसी दे दी गई थी। इसके बाद से ही नरगिस ने ईरान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकारों के लिए आवाज उठाना शुरू कर दी थी।नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल पीस प्राइज के लिए चुना गया था। यह पुरस्कार पाने वाली वो ईरान की दूसरी महिला हैं। उनको ईरान में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार और राजनीतिक कैदियों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। उन्होंने ईरान में मृत्यु दंड के खिलाफ भी आवाज उठाई थी।नोबेल समिति के प्रमुख ने उन्हें ‘स्वतंत्रता सेनानी’ कहा था। जब उन्हें यह प्राइज मिला तब वो तेहरान की एविन जेल के अंदर थी। उनके बच्चों ने यह प्राइज लिया था जो कि पेरिस में रहते है। नरगिस ने अपनी किताब ‘व्हाइट टॉर्चर: इंटरव्यूज़ विद ईरानी वुमन प्रिज़नर्स’ में अपने और 12 कैदियों के जेल के अनुभव को लिखा हैं।सितंबर 2022 में ईरान में हिजाब के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में 22 साल की महसा अमीनी को ईरान की पुलिस ने ड्रेस कोड को पालन नही करने के आरोप में हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस कस्टडी में ही अमीनी की मौत हो गई थी।अमीनी की मौत से ईरान में प्रदर्शन और बड़ गया था। इस दौरान नरगिस ने जेल से कहा था कि -’ईरानी महिलाओं के खिलाफ धर्मतांत्रिक सत्तावादी शासन के उत्पीड़न” का प्रतीक बन गया है’।उसी समय न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए लिखते हुए नरगिस ने कहा था कि – “सरकार शायद यह नहीं समझ पा रही है कि वे हममें से जितने अधिक लोगों को जेल में डालेंगे, हम उतने ही मजबूत होते जाएंगे।”



