शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास स्थापना दिवस पर श्रीमन क्लासेस में  कार्यक्रम सम्पन्न

0
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर :- शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के स्थापना दिवस (2 जुलाई) के पावन अवसर पर श्रीमन क्लासेस में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के प्रतियोगी परीक्षार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्तिवाचन और माँ भारती को नमन करते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ, जिससे वातावरण में एक राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. रागिनी भूषण (संयोजक, शिक्षा में स्वायत्तता) रहीं। उन्होंने सहज और प्रभावशाली शैली में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के उद्देश्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बीच गहरे संबंध को स्पष्ट किया। उन्होंने नीति की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को उसके व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा उनका राष्ट्रीय शिक्षा नीति आधारित स्वरचित गीत, जिसकी गायन शैली ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और सबकी भरपूर सराहना पाई।

कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य एवं विभाग प्रमुख डॉ. कविता परमार ने न्यास के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “शिक्षा बचाओ आंदोलन” ही बाद में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के रूप में परिवर्तित हुआ। उन्होंने न्यास की विविध गतिविधियों एवं उपलब्धियों को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया और विद्यार्थियों को इससे जुड़ने हेतु प्रेरित किया।

महानगर संयोजक श्री शिवप्रकाश शर्मा ने न्यास के स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उसके ध्येय व कार्यों की महत्ता को बहुत ही प्रभावशाली शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ऐसी संस्थाओं की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है जो शिक्षा को भारतीय दृष्टिकोण से देखें और मूल्य आधारित समाज की नींव रखें।

See also  रसोई गैस फिर महंगी: घरेलू सिलेंडर ₹60 और कमर्शियल ₹115 बढ़े, कारोबारियों की बढ़ी चिंता

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आगंतुक अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमन नारायण त्रिगुण (प्रान्त संयोजक, प्रकल्प: प्रतियोगी परीक्षा) ने किया, जिन्होंने संयोजक के रूप में पूरे आयोजन को सुचारु रूप से संचालित किया। अंत में महानगर सह-संयोजक श्री कौशल्या अमरनाथ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और पंडित हरेराम तिवारी के शांतिपाठ के साथ कार्यक्रम का आध्यात्मिक समापन हुआ।

Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed